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नवीनतम सारांश

पाराशत शलाख: जासूस और भूमि के फल
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पाराशत शलाख: जासूस और भूमि के फल

यरूशलेम के मीर संस्थान में रिकॉर्ड किया गया रब्बी इयाल वेरेड का यह पाठ, तोराह के 'शलाख' भाग पर केंद्रित है। यह इजरायल की भूमि का पता लगाने के लिए भेजे गए जासूसों की कहानी का पता लगाता है। चर्चा जासूसों के मिशन के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व और समकालीन यहूदी जीवन के लिए इस भाग से प्राप्त पाठों पर केंद्रित है।

पिरकेई अवोट की विस्तृत व्याख्या: अध्याय 1, मिशना 3
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पिरकेई अवोट की विस्तृत व्याख्या: अध्याय 1, मिशना 3

इस वीडियो में रब्बी एरन येशुआ पिरकेई अवोट, अध्याय 1, मिशना 3 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पाठ यरूशलेम के मीर संस्थान में फिल्माया गया था। सामग्री पारंपरिक यहूदी नैतिक शिक्षाओं पर केंद्रित है। इसमें स्रोत सामग्री के लिंक और मीर संस्थान के शैक्षिक संसाधनों के बारे में जानकारी शामिल है।

मेयर संस्थान के दैनिक तोराह पाठ का कार्यक्रम
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मेयर संस्थान के दैनिक तोराह पाठ का कार्यक्रम

यह दस्तावेज़ 23 सिवान के लिए मेयर संस्थान द्वारा प्रदान किए गए तोराह अध्ययन के दैनिक कार्यक्रम को रेखांकित करता है। कार्यक्रम में विभिन्न रब्बियों द्वारा पराशा, महाराल और ऋषियों की किंवदंतियों जैसे विषयों पर पाठ शामिल हैं। कार्यक्रम में पाठ और प्रार्थना के लिए विशिष्ट समय स्लॉट शामिल हैं, साथ ही लाइव प्रसारण तक पहुंचने के लिए लिंक भी दिए गए हैं।

यह बना रहेगा! इज़राइल में विवादों पर: परशात कोराह 5784
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यह बना रहेगा! इज़राइल में विवादों पर: परशात कोराह 5784

रब्बी इयाल वेरेड परशात कोराह के माध्यम से इज़राइल में विवादों की प्रकृति पर चर्चा करते हैं। यह पाठ रचनात्मक बनाम विनाशकारी संघर्ष की अवधारणा की पड़ताल करता है। यह व्याख्यान यरूशलेम में मीर संस्थान में फिल्माया गया था और यह यहूदी परंपरा में एकता और असहमति पर अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

इजरायली रहस्य - पाठ 3: सभी सवालों के जवाब
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इजरायली रहस्य - पाठ 3: सभी सवालों के जवाब

इस वीडियो में यरूशलेम के माचोन मीर संस्थान में रब्बी लियोर लावी द्वारा दिया गया एक तोराह पाठ है। यह 'इजरायली रहस्य' नामक श्रृंखला का हिस्सा है। सामग्री यहूदी शिक्षा और दर्शन पर केंद्रित है। प्रदान किया गया पाठ व्याख्यान श्रृंखला के लिए एक प्रचार विवरण के रूप में कार्य करता है।

रब्बी उरी शेरकी द्वारा राव कुक की 'लेनवुचेई हाडोर' पर चर्चा
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रब्बी उरी शेरकी द्वारा राव कुक की 'लेनवुचेई हाडोर' पर चर्चा

इस वीडियो में रब्बी उरी शेरकी रब्बी अब्राहम इसहाक कुक द्वारा लिखित पुस्तक 'लेनवुचेई हाडोर' पर चर्चा कर रहे हैं। सत्र विशेष रूप से पाठ के अध्याय चार, पृष्ठ 36 पर केंद्रित है। यह सामग्री यरूशलेम में मीर संस्थान द्वारा निर्मित तोराह पाठों की एक श्रृंखला का हिस्सा है।

रब्बी इयाल वेरेड: 1 शमूएल अध्याय 3 का विश्लेषण
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रब्बी इयाल वेरेड: 1 शमूएल अध्याय 3 का विश्लेषण

इस वीडियो में यरूशलेम के मीर संस्थान के रब्बी इयाल वेरेड द्वारा दिया गया तोराह का पाठ है। चर्चा शमूएल की पुस्तक के तीसरे अध्याय पर केंद्रित है। यह सामग्री मीर संस्थान द्वारा प्रदान की गई शैक्षिक व्याख्यानों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जो नबी शमूएल के आख्यान से संबंधित विषयों की पड़ताल करती है।

रिश्तों की गतिशीलता: 'पीछा करने वाला'
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रिश्तों की गतिशीलता: 'पीछा करने वाला'

रब्बी रूवेन फायरमैन रिश्तों में आम गलतियों पर चर्चा करते हैं, विशेष रूप से 'पीछा करने वाले' (pursuer) की गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित करते हुए। यह जोड़ों के बीच भूमिकाओं पर श्रृंखला का दूसरा भाग है। यह व्याख्यान यरूशलेम के माचोन मीर संस्थान में फिल्माया गया था और यह वैवाहिक सद्भाव को प्रभावित करने वाले व्यवहार पैटर्न को संबोधित करता है।

पैतृक रास्तों को छोड़ना भाग 2: त्ज़ित्ज़ित का उपदेश | रब्बी डोरोन काट्ज़
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पैतृक रास्तों को छोड़ना भाग 2: त्ज़ित्ज़ित का उपदेश | रब्बी डोरोन काट्ज़

यरूशलेम के माचोन मीर संस्थान में रिकॉर्ड किया गया रब्बी डोरोन काट्ज़ का यह व्याख्यान पैतृक परंपराओं और धार्मिक पहचान को छोड़ने के विषय पर है, जिसमें त्ज़ित्ज़ित के उपदेश पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह सामग्री यहूदी अध्ययन, विश्वास और शिक्षा पर आधारित श्रृंखला का हिस्सा है।

पाराशात बेहालौतेचा पर अंतर्दृष्टि: शिकायत करने वालों की भूमिका
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पाराशात बेहालौतेचा पर अंतर्दृष्टि: शिकायत करने वालों की भूमिका

रब्बी एरन तामिर पाराशात बेहालौतेचा के संदर्भ में रेगिस्तान में पहले पाप, जिसे 'शिकायत करने वाले' (मित'ओनेनिम) के रूप में जाना जाता है, के महत्व पर चर्चा करते हैं। यह व्याख्यान इस घटना के आध्यात्मिक निहितार्थों की पड़ताल करता है। यह सत्र यरूशलेम में माचोन मीर संस्थान में रिकॉर्ड किया गया था।

शास्त्रों को व्याख्या के लिए परंपरा की आवश्यकता क्यों है?
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शास्त्रों को व्याख्या के लिए परंपरा की आवश्यकता क्यों है?

रब्बी उरी शेरकी का यह व्याख्यान, जो कुज़ारी पर एक श्रृंखला का हिस्सा है, शास्त्रों की व्याख्या में मौखिक परंपरा की आवश्यकता का पता लगाता है। यह उन दार्शनिक और धार्मिक कारणों को संबोधित करता है कि क्यों एक निश्चित पाठ को जीवित प्रसारण की आवश्यकता होती है। यह सत्र यरूशलेम के माचोन मीर संस्थान में रिकॉर्ड किया गया था। यह यहूदी ग्रंथों और पारंपरिक टिप्पणियों के चल रहे अध्ययन का एक विस्तार है।

जातीय संगीत और क्वार्टर टोन बनाम शास्त्रीय: यहूदी मनोचिकित्सा
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जातीय संगीत और क्वार्टर टोन बनाम शास्त्रीय: यहूदी मनोचिकित्सा

मेयर इंस्टीट्यूट में डॉ. माइकल अबुलफिया का एक व्याख्यान, जो संगीत और यहूदी मनोचिकित्सा के बीच संबंध पर आधारित है। जातीय संगीत बनाम शास्त्रीय संगीत के मनोवैज्ञानिक प्रभाव की जांच की गई है। चर्चा संगीत अभिव्यक्ति और क्वार्टर टोन के उपयोग के माध्यम से 'मानसिक संकीर्णता से बाहर निकलने' की अवधारणा पर केंद्रित है।