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वयस्क बच्चों की तरह क्यों नहीं हंसते: रब्बी इayal वेरेड

केवल वीडियो विवरण पर आधारित सारांश

रब्बी इayal वेरेड और मियाल मोसारी यरुशलम के माचोन मीर संस्थान में एक कप चाय पर हँसी की प्रकृति पर चर्चा करते हैं।

चर्चा में हँसी को एक गहरे गुण के रूप में देखा जाता है जो अस्तित्व के विरोधाभास पर आधारित है और शारीरिक व मानसिक पहलुओं को छूता है।

स्रोत पाठ में वयस्क और बच्चों की हँसी के बीच अंतर के विशिष्ट विवरण उपलब्ध नहीं हैं।

वयस्क बच्चों की तरह क्यों नहीं हंसते: रब्बी इayal वेरेड