वयस्क बच्चों की तरह क्यों नहीं हंसते: रब्बी इayal वेरेड
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मूल स्रोत:youtube.com
मुख्य निष्कर्ष
- रब्बी इayal वेरेड और मियाल मोसारी की चर्चा
- हँसी और अस्तित्व के विरोधाभास पर बात
- यरुशलम के माचोन मीर में फिल्माया गया
यरुशलम के माचोन मीर में फिल्माए गए एक संवाद में, रब्बी इayal वेरेड और मियाल मोसारी चाय पीते हुए हँसी के विषय पर बात करते हैं। हँसी को केवल बच्चों का खेल नहीं बताया गया है, बल्कि एक ऐसी विशेषता के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो अस्तित्व के विरोधाभास से जुड़ी है और शारीरिक तथा मानसिक दुनिया को प्रभावित करती है। उपलब्ध सामग्री में इससे अधिक कोई विवरण नहीं दिया गया है।
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