फ्रांसीसी खुफिया एजेंसी ने दंगों की चेतावनी दी, मैक्रों ने अनदेखा किया
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मूल स्रोत:srugim.co.il
मुख्य निष्कर्ष
- फ्रांसीसी खुफिया एजेंसी ने दो साल पहले दंगों की चेतावनी दी थी।
- चेतावनी में चरमपंथी और कट्टरपंथी समूहों का जिक्र था।
- राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और सरकार ने रिपोर्ट को नजरअंदाज किया।
- इस मामले को लेकर आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।
फ्रांसीसी खुफिया तंत्र द्वारा दो साल पहले ही संभावित दंगों और हिंसक प्रदर्शनों को लेकर गंभीर चेतावनियाँ जारी की गई थीं। इन खुफिया रिपोर्टों में चरमपंथी समूहों और आप्रवासी संगठनों द्वारा खतरे की आशंका जताई गई थी, लेकिन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी सरकार ने इन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया।
सुरक्षा से जुड़े इन अहम दस्तावेजों की अनदेखी किए जाने पर देश में तीखी आलोचना शुरू हो गई है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की खुफिया जानकारियों को नजरअंदाज करना आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
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