कोपेनहेगन में पुरानी जेल की कोठरी में तीन दिन तक फंसी रही सफाईकर्मी
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मूल स्रोत:srugim.co.il
मुख्य निष्कर्ष
- कोपेनहेगन में एक सफाईकर्मी को अदालत की पुरानी सेल में तीन दिनों तक बंद रहना पड़ा।
- 2022 में अदालत के स्थानांतरित होने के बाद से यह ऐतिहासिक इमारत ज्यादातर खाली थी।
- सेल के दरवाजे अंदर से नहीं खुलते थे और महिला के पास फोन भी नहीं था।
- उसके पति ने इमारत के बाहर उसकी साइकिल देखी और पुलिस को सूचित किया, जिससे उसकी जान बची।
- घटना के बाद, अधिकारियों ने ताले बदल दिए ताकि दरवाजे केवल बाहर से सुरक्षित किए जा सकें।
यह अजीब घटना बुधवार की शाम को कोपेनहेगन की ब्रेडगाडे स्ट्रीट पर स्थित एक पुरानी अपीलीय अदालत की इमारत के भीतर हुई। नगरपालिका अदालत फरवरी 2022 में नॉर्डहावन जिले की एक आधुनिक इमारत में स्थानांतरित हो गई थी, जिसके बाद से ऐतिहासिक परिसर ज्यादातर खाली रहता है और वहां कभी-कभार ही प्रशासनिक उपयोग या सफाई का काम होता है। भूमिगत सेल क्षेत्र में काम करते समय, सफाईकर्मी गलती से एक भारी सेल के अंदर चली गई और दरवाजा बंद हो गया। अंदर से खोलने का कोई आंतरिक तंत्र न होने और संचार का कोई साधन न होने के कारण, वह लगभग 72 घंटों तक उस निर्जन स्थान पर कैद रही।
चूंकि इमारत अधिकांश दिनों में खाली रहती है, इसलिए शुरुआत में किसी ने उसकी अनुपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया। शनिवार की रात जब उसका पति एक यात्रा से घर लौटा और उसने अपनी पत्नी को गायब पाया, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। बंद पड़ी अदालत के बाहर उसकी साइकिल खड़ी देखकर उसे संदेह हुआ और उसने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, सेल का दरवाजा तोड़ा और थकी-हारी महिला को बाहर निकालकर तुरंत चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि उसे भारी मानसिक और शारीरिक आघात पहुँचा, लेकिन कंपनी ने पुष्टि की कि उसे उचित परामर्श मिला और उसने अपनी इच्छा से फिर से काम करना शुरू कर दिया है।
इस मामले ने अलग-थलग या बंद पड़े सार्वजनिक भवनों में अकेले काम करने वाले रखरखाव कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत के अधिकारियों और सफाई ठेकेदार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा के नए नियम लागू किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परिसर की सभी सेल के दरवाजों के ताले बदल दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दरवाजे अब केवल बाहर से ही बंद किए जा सकें। मीडिया रिपोर्टों ने इसी तरह की अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया, जैसे कि पिछले महीने बेल्जियम में एक राजनेता का मामला, जो फोन के बिना शौचालय में 13 घंटे तक फंसा रहा था और बाद में एक सफाईकर्मी ने उसे बचाया था।
निष्कर्षतः, यह भयानक घटना अकेले काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त संचार प्रोटोकॉल के महत्व को उजागर करती है। पति की सतर्कता ने एक वीरान परिसर में एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। सुरक्षा प्रणालियों के आधुनिकीकरण के माध्यम से, अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी फिर कभी इस तरह के खतरनाक अलकाव का सामना न करे।
🤔 विचार करने योग्य बिंदु
- सार्वजनिक और वीरान इमारतों में अकेले काम करने वाले कर्मचारियों के लिए क्या अतिरिक्त सुरक्षा नियम होने चाहिए?
- रखरखाव कार्यों के दौरान होने वाली ऐसी तकनीकी चूकों के लिए किसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए?
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
›सफाईकर्मी सेल के अंदर कितने समय तक फंसी रही?
वह बुधवार की शाम से लेकर शनिवार की रात तक लगभग तीन दिनों तक फंसी रही।
›उसे कैसे खोजा गया और किसने बचाया?
यात्रा से लौटने पर उसके पति ने खाली अदालत के बाहर उसकी साइकिल देखी और पुलिस को बुलाया।
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