नेतन्याहू द्वारा हटाए जाने के बाद त्साची हनेग्बी ने Likud को वोट न देने की घोषणा की
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मूल स्रोत:srugim.co.il
मुख्य निष्कर्ष
- त्साची हनेग्बी ने नेतन्याहू द्वारा हटाए जाने के बाद लिखुद को वोट न देने का ऐलान किया।
- उन्होंने सैन्य भर्ती के मुद्दे पर दक्षिणपंथी दलों की कड़ी आलोचना की।
- हनेग्बी ने दावा किया कि हमास के खतरे को लेकर पहले की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।
- यह कदम इजरायली राजनीति में गहरे होते आंतरिक विभाजन को दर्शाता है।
प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा पद से हटाए जाने के बाद, अनुभवी राजनेता त्साची हनेग्बी ने घोषणा की है कि वह अब लिखुद पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। हाल ही में प्रकाशित एक लेख में, हनेग्बी ने सैन्य रंगرूट नीति के मुद्दे पर दक्षिणपंथी दलों की कड़ी आलोचना की और कहा कि हमास के संबंध में दी गई पिछली चेतावनियों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया था।
उनका यह बयान इजरायली राजनीतिक परिदृश्य के भीतर सत्तारूढ़ खेमे में बढ़ते आंतरिक मतभेदों को उजागर करता है।
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