शास पार्टी ने एयरपोर्ट पर येशीवा छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा की
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मूल स्रोत:inn.co.il
मुख्य निष्कर्ष
- बेन गुरियन हवाई अड्डे पर हबाद येशीवा के दर्जनों छात्रों को सैन्य सेवा से भागने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- शास पार्टी ने अटॉर्नी जनरल पर चुनाव के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।
- सांसद यिनोन अजुलाई सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ वार्ता कर छात्रों की तुरंत रिहाई की मांग कर रहे हैं।
- यह घटना इजराइल में सैन्य भर्ती कानून को लेकर बने तनाव को उजागर करती है।
इजराइल में कट्टरपंथियों की सैन्य भर्ती को लेकर चल रहा विवाद तब और गहरा गया जब बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हबाद आंदोलन से जुड़े दर्जनों येशीवा छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। सेना के नियमों के अनुसार इन युवाओं को सैन्य सेवा से भागने वाला चिन्हित किया गया था।
गिरफ्तारी की खबर आते ही शास पार्टी ने एक कड़ा बयान जारी किया। पार्टी ने कहा कि अटॉर्नी जनरल के निर्देशों के तहत की गई यह कार्रवाई चुनावी माहौल में एक अभूतपूर्व राजनीतिक हस्तक्षेप है। शास के अनुसार, चुनाव अवधि के दौरान राजनीतिक प्रभाव को रोकने के लिए बनाए गए अस्थायी कानून का उल्लंघन किया गया है।
घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए। शास पार्टी के प्रमुख आर्य डेरी के निर्देश पर, विदेशी मामलों और रक्षा समिति के सदस्य तथा सांसद यिनोन अजुलाई ने इजराइली सेना के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया और बिना किसी देरी के छात्रों को तुरंत रिहा करने की मांग की।
यह घटना इजराइल में अनिवार्य सैन्य सेवा और धार्मिक अध्ययन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक व कानूनी टकराव को रेखांकित करती है। यह मुद्दा देश की राजनीति में अत्यंत संवेदनशील और विवादित बना हुआ है।
🤔 विचार करने योग्य बिंदु
- क्या चुनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सैन्य भर्ती नियमों के तहत गिरफ्तारियां उचित हैं?
- इजराइल सैन्य सेवा की समानता और धार्मिक अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बना सकता है?
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
›छात्रों को हवाई अड्डे पर क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें इजराइली सेना द्वारा सैन्य सेवा से भगोड़ा घोषित किया गया था, जिसके चलते सीमा नियंत्रण पर हिरासत में लिया गया।
›शास पार्टी का इस पर क्या रुख है?
शास पार्टी का मानना है कि यह चुनावी समय में कानून का दुरुपयोग और अनुचित राजनीतिक हस्तक्षेप है।
›रिहाई के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
आर्य डेरी के निर्देश पर सांसद यिनोन अजुलाई सैन्य अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं।
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