नेतनयाहू ने कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी का विरोध किया
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मूल स्रोत:inn.co.il
मुख्य निष्कर्ष
- नेतनयाहू ने सैन्य सेवा से बचने वाले कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी का विरोध किया।
- उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी अभियान स्वैच्छिक सैन्य भर्ती की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि पढ़ाई न करने वाले कट्टरपंथी युवाओं को सेना में शामिल होना चाहिए।
इजरायल में कट्टरपंथी यहूदी समुदाय (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने 'कोल बरामा' रेडियो को दिए इंटरव्यू में सैन्य पुलिस द्वारा चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियानों की आलोचना की। नेतनयाहू ने तर्क दिया कि बलपूर्वक की जाने वाली गिरफ्तारियां बिना किसी दबाव के युवाओं को सेना में शामिल करने के प्रयासों को बाधित करती हैं।
धार्मिक छात्रों को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट इजरायली समाज में लंबे समय से विवाद का विषय रही है। एक तरफ जहां समाज का बड़ा वर्ग सभी के लिए समान सैन्य सेवा की मांग करता है, वहीं धार्मिक नेता तोराह के अध्ययन को देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानते हैं। हालिया अदालती फैसलों के बाद पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल न होने वाले युवाओं पर सख्ती बढ़ा दी है।
अपने साक्षात्कार में नेतनयाहू ने धार्मिक परंपराओं और देश की सुरक्षा आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे तोराह अध्ययन का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन जो युवा नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, उन्हें सैन्य सेवा में भाग लेना चाहिए। उन्होंने गैर-अध्ययनरत युवाओं से सेना में भर्ती होने की अपील की।
यह विवाद वर्तमान गठबंधन सरकार के भीतर जारी राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। सरकार को बहुमत बनाए रखने के लिए धार्मिक दलों के समर्थन की आवश्यकता है। आलोचकों का मानना है कि गिरफ्तारी का विरोध करने से कानून का शासन कमजोर होता है, जबकि धार्मिक नेताओं का कहना है कि जबरन कार्रवाई से समाज में असंतोष बढ़ेगा।
सैन्य आवश्यकताओं और सामाजिक परंपराओं के बीच सामंजस्य स्थापित करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले समय में इस मुद्दे का असर देश की राजनीतिक स्थिरता पर देखने को मिल सकता है।
🤔 विचार करने योग्य बिंदु
- क्या स्वैच्छिक भर्ती मॉडल इजरायल की सुरक्षा जरूरतों को पूरा कर सकता है?
- धार्मिक स्वतंत्रता और समान सैन्य सेवा के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है?
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
›गिरफ्तारी अभियानों पर नेतनयाहू का क्या रुख है?
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां अस्वीकार्य हैं और ये बिना दबाव के भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
›पढ़ाई न करने वाले युवाओं के बारे में नेतनयाहू ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जो युवा धार्मिक संस्थानों में पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, उन्हें सेना में सेवा देनी चाहिए।
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