SharePlusSharePlus
HI ▼
हर्ज़ी हलेवी: 7 अक्टूबर एक टालने योग्य विफलता थी, न कि गद्दारी
राजनीतिby SharePlus AIस्रोत की भाषा: Hebrew

हर्ज़ी हलेवी: 7 अक्टूबर एक टालने योग्य विफलता थी, न कि गद्दारी

🤖 यह सामग्री लिंक किए गए स्रोत के आधार पर एआई की सहायता से तैयार और संक्षेपित की गई है — यह मूल स्रोत या पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।

मूल स्रोत:maariv.co.il

मुख्य निष्कर्ष

  • हलेवी ने 7 अक्टूबर को टालने योग्य विफलता बताया।
  • आईडीएफ के भीतर किसी भी आंतरिक गद्दारी से इनकार।
  • राज्य जांच आयोग की स्थापना की मांग।
  • बंधकों की वापसी के लिए सैन्य दबाव आवश्यक था।

न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में, आईडीएफ के पूर्व प्रमुख हर्ज़ी हलेवी ने 7 अक्टूबर 2023 की घटनाओं को संबोधित किया। पद छोड़ने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक बयान था, जिसमें उन्होंने उन परिचालन विफलताओं पर अपना दृष्टिकोण रखा, जिनके कारण हमास का हमला संभव हुआ। हलेवी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आपदा एक ऐसी विफलता थी जिसे टाला जा सकता था, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बलों के भीतर आंतरिक गद्दारी के षड्यंत्र सिद्धांतों को मजबूती से खारिज कर दिया।

युद्ध के प्रभावों पर चर्चा करते हुए, हलेवी ने जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इज़राइल को गहन जांच करने के लिए एक राज्य जांच आयोग स्थापित करना चाहिए। पूर्व प्रमुख के अनुसार, यह प्रक्रिया राष्ट्रीय सुधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश को खुद से कठिन सवाल पूछने के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी विफलता कभी न दोहराई जाए।

परिचालन स्तर पर, हलेवी ने गाजा पट्टी में आईडीएफ के आचरण का बचाव किया। उन्होंने सैन्य अभियान की तीव्रता पर आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि निरंतर सैन्य दबाव के बिना बंधकों की वापसी असंभव थी। यह दृष्टिकोण संघर्ष के दौरान सैन्य नेतृत्व और राजनीतिक स्तर के बीच मौजूद तनाव को उजागर करता है। हलेवी ने खुलासा किया कि सैन्य नेतृत्व को राजनीतिक स्तर को गाजा में जमीनी युद्धाभ्यास के लिए मनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, जो बताता है कि रणनीतिक दिशा गहन आंतरिक बहस का विषय थी।

'पूर्ण विजय' की अवधारणा के बारे में पूछे जाने पर, हलेवी ने गैर-राज्य अभिनेताओं के खिलाफ आधुनिक युद्ध की जटिलताओं पर विचार किया। उनकी टिप्पणियां संघर्ष के प्रति एक व्यावहारिक दृष्टिकोण का सुझाव देती हैं, जहां सैन्य उद्देश्यों को राजनीतिक सहमति की सीमाओं के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। पूर्व प्रमुख के बयान युद्ध के इर्द-गिर्द परिचालन वास्तविकताओं और राजनीतिक विमर्श के बीच एक सेतु का काम करते हैं। 'गद्दारी' के नैरेटिव को संबोधित करके, उन्होंने आईडीएफ की अखंडता में विश्वास बहाल करने की कोशिश की, साथ ही इसके प्रदर्शन में गहरी कमियों को भी स्वीकार किया। उनकी राज्य जांच की मांग यह दर्शाती है कि 7 अक्टूबर पर बहस आने वाले वर्षों तक इज़राइली राजनीति को आकार देती रहेगी।

और गहराई में जाना चाहते हैं?

इंटरैक्टिव अध्ययन चर्चा में शामिल हों — प्रश्न पूछें, चुनौती दें और खोजें।

🟢 WhatsApp✈️ Telegram

Recommended for you

Tools and services we trust to boost productivity and content workflows.

Browse picks
मूल स्रोत →