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लेखिका हदस्सा बेन अरी ने अपनी नई किताब की थकान पर की बात
मीडिया

लेखिका हदस्सा बेन अरी ने अपनी नई किताब की थकान पर की बात

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मूल स्रोत:kipa.co.il

मुख्य निष्कर्ष

  • हदस्सा बेन अरी ने अपनी नई किताब की कठिन प्रक्रिया पर बात की।
  • उन्होंने रचनात्मक संघर्ष की तुलना प्रसव पीड़ा से की।
  • थकान भरे क्षणों में उन्होंने अपने फैसले पर मजाकिया अंदाज में सवाल उठाया।

लेखिका हदस्सा बेन अरी ने हाल ही में अपनी नई किताब पर काम करने के दौरान आने वाली भारी थकान और चुनौतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह रचनात्मक प्रक्रिया उनके जीवन का अधिकांश हिस्सा ले लेती है और उन्हें आराम का मौका नहीं मिलता।

इस मानसिक और शारीरिक दबाव को समझाने के लिए, उन्होंने लेखन की तुलना प्रसव की कठिन अवस्था से की। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में उन क्षणों का ज़िक्र किया जब वे खुद से सवाल करती हैं कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट को क्यों चुना।

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