आज के समय में मंदिर के शोक का अर्थ | रब्बी अहारोन कोहेन
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मूल स्रोत:youtube.com
मुख्य निष्कर्ष
- रब्बी अहारोन कोहेन द्वारा सिखाया गया।
- मंदिर के शोक और साप्ताहिक तोराह अंश पर केंद्रित।
- येरुशलम में माचोन मीर में फिल्माया गया।
रब्बी अहारोन कोहेन एक पाठ के माध्यम से समझाते हैं कि आज के युग में पवित्र मंदिर के विनाश का शोक मनाना क्यों महत्वपूर्ण है, जिसे साप्ताहिक तोराह अंश से जोड़ा गया है। इस व्याख्यान को येरुशलम के माचोन मीर संस्थान में रिकॉर्ड किया गया था। दर्शक चैनल के माध्यम से अन्य धार्मिक कक्षाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।
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